सती अहिल्या

काम है सब अवगुणों की निशानी इंद्र की वासना की कहानी पुरानी।। देव पद को जो कर गए कलंकित। निष्पापी को भी करवा गए दंडित।। अपने ही दोषी जब जब  ठहराए। नारी तब शिला बन मौन रह जाए।। ऋषि गौतम की पारलौकिक तपोदृष्टि। भेद न जाने किस काम की योग दृष्टि। शील- अशील का जो […]

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गजल 

बस ये दिल्लगी आज कर दो। मैं तेरा रहूँ ये एक काम कर दो।। दिल की नादानियों की ये सिला। दर बदर करने का काम कर दो।। देखो कैसी सुबह आयी फिर से। गिला सिकवा मेरे नाम कर दो ।। शौ़क था बहुत रहे साथ तुम्हारे। खुशी की मौसम बरसात कर दो। ना  हो   […]

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गंगा मैया

सुरसरि मन्दाकिनी गंगा सारे तेरे नाम पाप धोती माँ जहाँ बहती बन जाता धाम।। आरती जो कोई गाता भवसागर तर जाता। माँ गंगा के पावन तट की जन जन महिमा गाता।। भागीरथ ने कठिन तप से धरा पर तुम्हें बुलाया। जगत के कष्ट हरे माँ सबके जो मन से तुम्हें ध्याता।। तू कल्याणी पाप मोशनी […]

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आशा

अतीत को विस्मृत कर अंतर को झंकृत करें। आशा का दीप प्रज्वलित कर नव सन्धान करें।। उम्मीद की रोशनी फिर से रोशन करेगी मन। लोभ मोह जैसे विजातीय शत्रुओं का मिलकर संहार करें।। पाप की गठरी जो खुदगर्ज़ी से भारी हो गई। आओ पूण्य कर जरा इसे कुछ तो रीति करें।। बन्द है शास्त्र सारे […]

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तस्वीर तेरे दिल मे

जज्बातों को पंख मिले अब उन्मुक्त उड़ना है। तस्वीर तेरे दिल मे जो बसी उसका दीदार करना है।। जीत लेते हम तुम्हें यूँ ही  लेकिन जमाना पीछा करता है। जहाँ भी तुम जाओ ये दिल वहीं ठहरता है। वो दहशत आज भी अक्सर सताती है हमें। जब उमंग से हम तुम झूम रहे थे और […]

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वो सैनिक है

जो देश को बचाता है, वो वीर बहादुर सैनिक है। दुश्मन को धूल चटाता है, देश के सरहदों पर रहता है, वो वीर बहादुर सैनिक है। नींद को नहीं देखता है, देश की हर पल रक्षा करता है, सभी लोगों को सुरक्षित रखता है, वो वीर बहादुर सैनिक है। जो अपने वतन से प्यार करता […]

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खुली रहेगी मधुशाला

नहीं मिल रहा राशन पानी मिलेगी लेकिन मधुशाला घर में बैठके मक्खी मारो दर्द में है पीने वाला। नशा मुक्त भारत हो जाता कैसे चलती मधुशाला व्यवसाय रुका है गरीबों का जो नोट की जपते थे माला। आपत्ति नहीं जताओ कोई खुलने दो ये मधुशाला कोरोना शायद मुक्त हो सके जब भीड़ जाएगी मधुशाला। राम […]

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“”ध्यान से देखो  मैं भी मजदूर हूं””

देखो मैं मजदूर हूँ फटा पुराना लिबास है किस्मत से मजबूर हूँ लोगों की जरूरत हूं देखो सपनों के आसमान में जीता हूँ प्यारे सभी के उम्मीदों के आँगन को सींचता हूँ दो वक्त की रोटी के लिये मेहनत करता हूं देखो मैं अपने स्वभिमान को नहीं बेचता हूँ तन ढकने के लिये फटा पुराना […]

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हाँ मैं मजदूर हूँ 

मजदूर हूँ मैं इन्कार नहीं मजबूर हूँ पर लाचार नहीं व्यवस्था का शिल्पकार हूँ मैं सबसे बड़ा चित्रकार हूँ । उठाते हैं सभी फायदे मेरे बहते पसीने का मैं बनाता हूँ वो महल जो बंगला है अमीरो का। सभी तो मजदूर ही हैं चाहे अमीर हो या गरीब मेहनत बिना कहाँ किसे रोटी होता है […]

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कोरोना का ख़ौफ़

         पिछले कुछ दिनों से हर जगह कोरोना के बारे में लगातार खबरे चल रही है।अनिल इन बातों से काफी परेशान है।हर समय मन मे एक व्याकुलता बनी हुई है।अनिल एक पचास वर्षीय व्यक्ति है और एक हार्ट पेशेंट भी है।लगातार इन खबरों से एक घबराहट सी उसके मन मे बन गयी […]

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