वर्षा ऋतु भादवा संग छम – छम आवै बिरखा बींदणी

श्रावण मास को विदाकर खुशगवार भादवा देशभर में पूरी तरह से दस्तक दे चुका है । सावन मे हुई अच्छी बरसात से किसान तो प्रमुदित हुए ही है ,जन-मन भी पावस के प्रथम स्पर्श से आल्हादित हो उठा है। वर्षा ऋतु सदियों सैन्य कवियों, कलाकारों एवं साहित्यकारों को स्फूर्त करती है । विभिन्न यूगों में […]

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योग की बढती लोप्रियता 

आशुतोष- पटना बिहार भारत के लिए सुखद एहसास। 16वीं लोकसभा के गठन के बाद भारत के आह्वान पर संयुक्त राष्ट्र संध में योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया जिसे स्वीकार करते हुए 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने के लिए घोषित किया गया।आज विश्व के लगभग180 देश इस दिवस को […]

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आओ करें मतदान, बढ़ाएँ लोकतन्त्र की शान (गीत)

वोट डालना हमारा अधिकार है और हमें अपने अधिकार का उपयोग करना चाहिए। गीतकार ने इस गीत में मतदान करने और लोकतंत्र को मजबूत करने की बात कहीं है। गीतकार ने मतदान को लोकतंत्र का महापर्व बताया है। आओ करें मतदान, बढ़ाएँ लोकतन्त्र की शान, बुलाती माँ भारती है, बुलाती माँ भारती है, बुलाती माँ […]

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वैज्ञानिकों ने विकसित की खारे पानी में उगने वाली चावल की नई प्रजाति

नई दिल्ली। (इंडिया साइंस वायर): भारतीय वैज्ञानिकों ने आमतौर पर उपयोग होने वाले चावल की किस्म आईआर-64-इंडिका में एक जंगली प्रजाति के चावल के जींस प्रविष्ट करके चावल की नई प्रजाति विकसित की है। इस प्रजाति की विशेषता यह है कि यह नमक-सहिष्णु है और इसे खारे पानी में उगाया जा सकता है। जिस जंगली […]

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गरीबी और अमीरी (व्यंग्य)

वोट दिलाऊ बजट पधारने से पहले यह चर्चा ज़ोरशोर से हो रही थी कि गणतन्त्र से गण गायब हो रहा है और तंत्र काबिज है। अब आम मतदाता बेहद खुश है, अगले बरस छुट्टियों में कहाँ जाना है इस बारे योजना पका रहा है। समझदार शासक, वोट लुभावन बजट के प्रावधान और वर्ल्ड डाटा बैंक […]

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रख रहे हैं नवरात्रि का व्रत तो सेहत की न करें अनदेखी

नवरात्रि आते ही हर किसी के मन में एक उत्साह व उमंग की लहर दौड़ जाती है। इन नौ दिनों में लोग पूरी भक्तिभाव से माता की अर्चना व पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। लेकिन इन नौ दिनों के दौरान जिस चीज की सबसे अधिक अनदेखी की जाती है, वह है सेहत। अब […]

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चुनावी मुद्दों का मुद्दा (व्यंग्य)

यह काफी स्पष्ट हो गया है कि बेरोजगारी, चुनावों में बड़ा मुद्दा बनने लायक नहीं है। इस विषय पर पहले ही स्वादिष्ट ढंग से प्रेरणा दी गई थी। कई महीने पहले ही समझाया गया था कि पकौड़ों का निर्माण भी एक लाभप्रद व्यवसाय हो सकता है। हमारे कई विपक्षी नेताओं को यह विचार पसंद नहीं […]

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भारत माता की जय (कहानी)

जब मंत्री जी के बंगले पर पहुंचा तो दरवाजे पे खड़े कुत्तों को देख थोड़ा सकपका सा गया। मैंने गार्ड को कहा की मंत्रीजी का इंटरव्यू लेने आये हैं। गार्ड ने अंदर से सुनिश्चित किया की हमारा अपॉइंटमेंट है या नहीं। उन कुत्तों को उनके संभालने वाले लड़कों ने पीछे किया और हमें अंदर जाने […]

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नोट, खोट, चोट व वोट (व्यंग्य)

हमारे एक परिचित, सरकारी अफसर की हैसियत से इक्कतीस जनवरी को रिटायर हुए। नौकरी के दौरान नेताओं व ठेकेदारों के संपर्क में रहे। अपने ‘सहयोगी’ व्यवहार के लिए काफी लोकप्रिय रहे, इसलिए अखबारों के स्थानीय संस्करण में अग्रिम छापा गया कि फलां जनाब रिटायर हो रहे हैं। जब रिटायर हुए तो गेंदे के फूलों से […]

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अंग्रेजों से जमकर लोहा लिया था वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने

भारत में पुरुषों के साथ आर्य ललनाओं ने भी देश, राज्य और धर्म, संस्कृति की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर अपने प्राणों की बाजी लगाई है। गोंडवाने की रानी दुर्गावती और झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई के चरण चिन्हों का अनुकरण करते हुए रामगढ़ (जनपद मंडला- मध्य प्रदेश) की रानी वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी […]

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