कथा-श्रवण से ही ईश्वर कृपा होती है प्राप्त

कानपुर नगर
अयोध्या कांड से जुड़ा हुआ प्रसंग व्यास पीठ पर विराजमान श्रद्धे श्री विजय कौशल जी के मुखारविंद से भक्तों ने किया रसपान।

संवाददाता; हरि ओम द्विवेदी:कानपुर-आज पांच वे दिन की कथा में भगवान राम केवट को यह विश्वास दिला कर कि वह लौटने पर फिर उसकी नांव में पार उतरेंगे, प्रयाग में पहुंचते हैं। भारद्वाज ऋषि से मंत्रणा करके कानपुर में वाल्मीकि आश्रम होते हुए चित्रकूट पहुंचते हैं वाल्मीकि के आश्रम में जब कथा प्रसंग आया तो पूज्यनीय विजय कौशल जी ने लव – कुश का प्रसंग और सीता जी के दुबारा बनवास का प्रसंग उठाया। कथा-श्रवण बार बार करने से ही ईश्वर कृपा मिलती है, पढ़ने से नहीं। ब्रज के लोग कथा नहीं सुनते हैं,जो कथा सुनते हैं ईश्वर उनकी जिम्मेदारी स्वयं ले लेते हैं,भगवान राम स्वयं कथा रसिक हैं और पहली कथा उन्हें लव – कुश ने सुनाई थी,14 दिन तक कथा सुनते सुनते जिनके कान अघाते नहीं उन्हीं को भगवान खोजते हैं जब राम जी चित्रकूट पहुंचते हैं तो गोस्वामी जी लिखते हैं कि चित्रकूट में रघुनन्दन छाए छाए शब्द यहां विशेष रूप से लिखा है तुलसीदास जी ने, रामचन्द्र जी जल्द ही सभी के प्रिय हो गए – देवता, ऋषि-मुनि, वनवासी-कोल, किरात सभी ने राम जी से मुलाकात की और उनके वहाँ आने पर प्रसन्नता व्यक्त की यहां के बाद संत शिरोमणि ने कथा का रुख फिर से अयोध्या की ओर कर दिया और दशरथ और भरत की चर्चा शुरु की जिस दिशा में कल कथा आगे बढ़ेगी।
आज के अतिथियों में श्री उदासीन नित्येश्वर आश्रम के पीठाधीश्वर महंत परम पूज्य श्री योगेन्द्र मुनि जी महाराज, यू पी लैकफेड के चेयरमैन श्री वीरेंद्र तिवारी जी, उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती नीलिमा कटियार जी,डॉ महेंद्र सिंह जी काबीना मंत्री जल शक्ति, ऊ प्र सूचना आयुक्त सुभाष सिह, श्री हर्षवर्धन शाही जी, श्री जगन्नाथ गुप्त जी, श्री सुरेश अवस्थी जी, श्री राजकुमार जी (ठगगु के लड्डू), श्री जुगुल किशोर तिवारी IPS थे | आज के यजमान श्री भूपेश अग्रवाल जी व श्रीमती अंजलि अग्रवाल जी एवं श्री प्रेम त्रिपाठी जी रहे।
कथा का संचालन डॉ विवेक द्विवेदी जी तथा डॉ सुनील सिंह जी ने किया श्रीमती प्रेमलता कटियार जी, महापौर श्रीमती प्रमिला पांडेय, उमेश निगम, रेनु सिंह, प्रियंका सिंह, डॉ अल्का द्विवेदी, शिखा निगम,अनुज दीक्षित जी,श्री पंकज निगम, शिवराज सिंह, नवनीत जी, श्री संजय जी (लखनऊ, मावई धाम),हरि किशन जी, जयवीर जी, दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार के श्री संजय चतुर्वेदी जी, मुकेश पालीवाल जी, मातृ शक्ति की संयोजिका, श्री जी एस चंदेल जी, अवधेश सिंह जी, प्रियंका सिंह जी, प्रकाश सिंह गौर जी, डॉ अरविन्द पाण्डेय जी,पी एन गौर जी, श्री विकास अग्रवाल जी, श्री अमर सिंह जी थे|

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